उदित वाणी, जमशेदपुर : मानगो स्थित कुंवर बस्ती इलाके में शुक्रवार को प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओ अभियान के अंतर्गत स्वर्णरेखा नदी किनारे बने तीन आवासीय मकानों को जेसीबी की सहायता से ध्वस्त कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों और भारी पुलिस बल की उपस्थिति में यह कार्रवाई अंजाम दी गई, जिससे मौके पर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि, पुलिस तैनाती की वजह से जल्द ही स्थिति नियंत्रण में आ गई।
प्रशासन की कार्रवाई और नोटिस प्रक्रिया
अंचलाधिकारी बृजेश श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि जिन मकानों पर यह कार्रवाई की गई, उन्हें पहले ही नियमानुसार नोटिस जारी कर दिया गया था। तय समय सीमा में अवैध निर्माण नहीं हटाए जाने पर प्रशासन को मजबूरन कदम उठाना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार, स्वर्णरेखा नदी क्षेत्र में बढ़ते अवैध निर्माण पर्यावरण एवं नदी प्रवाह के लिए खतरा बन रहे हैं और ऐसे में उन्हें हटाना आवश्यक था।
स्थानीय नागरिकों की नाराजगी और आरोप
कार्रवाई के दौरान तीन परिवारों के मकान मलबे में तब्दील हो गए, जिससे प्रभावित परिवारों एवं स्थानीय निवासियों में आक्रोश देखा गया। नागरिकों ने प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया, साथ ही यह मांग की कि अगर अतिक्रमण हटाना ही लक्ष्य है तो नियम सभी पर समान रूप से लागू हों। उनका कहना है कि लंबे समय से बड़े भवन और व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी नदी किनारे बने हुए हैं, लेकिन उन पर प्रशासन की कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
भविष्य की कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को पूरे मानगो क्षेत्र में नदी किनारे बने अवैध निर्माणों की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और सभी दोषियों पर बिना भेदभाव के कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करने की भी मांग की। इस घटना के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक कार्रवाई की निष्पक्षता और नदी अतिक्रमण मुक्ति अभियान को लेकर बहस तेज हो गई है। अब सभी की नजर प्रशासन द्वारा आगे की कार्रवाई पर टिकी है।
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